थी कोई ;
जिसके इंतज़ार में
पलकें झपकना भूल जाया करती थीं।
और हरेक आहट पर
दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती थी।
थी कोई ;
जिसकी मुस्कराहटों में
हम तमाम ज़िन्दगी ढूँढ लिया करते थे।
और जिसकी आँसुओं की एक बूँद में
कभी हमारा वज़ूद डूब जाता था।
थी कोई ;
जिसके ख़यालों की
बेचैनी में सुकून भी था।
और जुबाँ की ख़ामोशी में
उसका ज़िक्र भी था।
थी कोई ;
जिसकी मौज़ूदगी में
हम खुद से जुदा हुआ करते थे।
और उसकी गुमशुदगी में
अब खुद को तलाशा करते हैं।
जिसके इंतज़ार में
पलकें झपकना भूल जाया करती थीं।
और हरेक आहट पर
दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती थी।
थी कोई ;
जिसकी मुस्कराहटों में
हम तमाम ज़िन्दगी ढूँढ लिया करते थे।
और जिसकी आँसुओं की एक बूँद में
कभी हमारा वज़ूद डूब जाता था।
थी कोई ;
जिसके ख़यालों की
बेचैनी में सुकून भी था।
और जुबाँ की ख़ामोशी में
उसका ज़िक्र भी था।
थी कोई ;
जिसकी मौज़ूदगी में
हम खुद से जुदा हुआ करते थे।
और उसकी गुमशुदगी में
अब खुद को तलाशा करते हैं।
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