ये तुम ही थे जिसने चुना था -
मान के लिए ;
सम्मान के लिए |
हिन्दू के लिए ;
मुसल्मान के लिए |
धरती माँ के लिए ;
आसमान के लिए |
अपने देश के लिये ;
दुनिया ज़हान के लिए |
युद्ध करते जवान के लिए ;
ऐतिहासिक अपमान के लिये |
तुमने जब जब हाशिये पर रखा
अपनी भूख, रोटी,
खुद और बच्चों के भविष्य को ;
तब तब मुँह की खाते हो |
छीन लेते हैं वो हलक से निवाला ;
जब सतही बातों पर भरमाते हो |