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Tuesday, December 30, 2014

धोनी

तुम्हारा वो अक्खड़पन ;
जेंटलमैन गेम में भी गंवई भदेश दिखना। 
क्रिकेट बस किताबों में कैद नहीं ;
देश के लाखों करोड़ों के मानस पे लिखना।
बहुत दिनों तक तुम याद रहोगे।
कई युगों तक तुम जियोगे।


Monday, December 29, 2014

कभी बेदर्द लगते हो।
कभी हमदर्द लगते हो।
मुक़र्रर करते हो सजा हमारी हिमाकत पे
मगर दर्द-ए-दिल से क्यों ज़र्द रहते हो ?

Thursday, December 4, 2014

कशिश

तुम्हारे ख्यालों में वो कशिश है कि उसमे ही 
मेरा वज़ूद गुमशुदा रहता है। 
जेहन में अक्स खींची है ऐसी तुम्हारी जैसे 
उसमे ही मेरा ख़ुदा रहता है।