मेरी इन पलकों के नीचे ;
जगमग से नयनों के पीछे।
ख़्वाबों ने सीखा है जीना
उम्मीदों ने साँसें ली हैं।
नयी नयी मेरी आशा को;
अपने स्नेह से तर कर देना।
कभी गिरूँ मैं जीवन में तो ;
अपने हाथ बढ़ा भर देना।
बुआ ! कल मैं बड़ी हुई तो ;
तुमसे ही ऊर्ज़ा पाऊँगी।
सपनों को कैसे जीना है ;
इसकी मिशाल और कहाँ से लाऊँगी !
छोटी सी एक बात है कहनी ;
मेरी अर्ज़ी है इतनी सी।
अपनों के साये में आकर ;
मेरे सपनें न खो जाएँ।
डरती हूँ मेरी चाहत को ;
पता नहीं कोई समझ भी पाये।
हो सके तो तुम बस इतना करना ;
मुझमे इतनी हिम्मत भरना।
मैं भी अपनी राह चुन सकूँ ;
अपने दिल की मैं भी सुन सकूँ।
वादा करती हूँ मैं तुमसे ;
कभी न तुमको रोने दूँगी।
तेरी लाडली अदिति हूँ मैं ;
विश्वास तेरा ना खोने दूँगी।
जगमग से नयनों के पीछे।
ख़्वाबों ने सीखा है जीना
उम्मीदों ने साँसें ली हैं।
नयी नयी मेरी आशा को;
अपने स्नेह से तर कर देना।
कभी गिरूँ मैं जीवन में तो ;
अपने हाथ बढ़ा भर देना।
बुआ ! कल मैं बड़ी हुई तो ;
तुमसे ही ऊर्ज़ा पाऊँगी।
सपनों को कैसे जीना है ;
इसकी मिशाल और कहाँ से लाऊँगी !
छोटी सी एक बात है कहनी ;
मेरी अर्ज़ी है इतनी सी।
अपनों के साये में आकर ;
मेरे सपनें न खो जाएँ।
डरती हूँ मेरी चाहत को ;
पता नहीं कोई समझ भी पाये।
हो सके तो तुम बस इतना करना ;
मुझमे इतनी हिम्मत भरना।
मैं भी अपनी राह चुन सकूँ ;
अपने दिल की मैं भी सुन सकूँ।
वादा करती हूँ मैं तुमसे ;
कभी न तुमको रोने दूँगी।
तेरी लाडली अदिति हूँ मैं ;
विश्वास तेरा ना खोने दूँगी।
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